राज्य सरकार गौशालाओं को अनुदान का भुगतान करें अन्यथा धरना प्रदर्शन किया जाएगा : चौबीसा 

  • मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर को माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम उदयपुर जिला गौशाला संगठन ने जिले के समस्त गौशालाओं के प्रतिनिधिमंडल ने गौशालाओं को राज्य सरकार से अविलंब अनुदान की किस्त जारी करने हेतु पांच सूत्री मांगों के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया।

उदयपुर जिला गौशाला संगठन के अध्यक्ष प्राणी मित्र श्याम चौबीसा ने बताया कि गोपालन विभाग द्वारा जो अनुदान दिया जाता है वह 7 माह से विलंब हो रहा है ।कर्ज में डूब रही गौशाला संचालक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।धन के अभाव में लोगो को जवाब देना भारी हो रहा है।सरकार अविलंब अनुदान प्रदान करें नहीं तो धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन का रूप दिया जाएगा ।सरकार अनुदान देने में देरी क्यों करें यह समझ में नहीं आ रहा क्योंकि सरकार जनता से 20% सेस टैक्स के रूप में प्राप्त कर रही है जिसपर संपूर्ण गौ माता का अधिकार है लेकिन उसमें से 10% शेष राशि अन्य मद में खर्च करके गौ माता का अधिकारों का हनन कर रही है। इसलिए गौशालाओं को संचालन करने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।साथ ही सरकार से मांग की है कि पूर्ववर्ती सरकार ने देसी नस्ल के गोवंश के संवर्धन हेतु कामधेनु डेयरी योजना निकाली थी उसे पुन चालू कर गौशाला में संवर्धन हेतु डेयरी योजना जो गोपालको के लिए थी उस का लाभ गौशाला को भी मिले जिससे गौशाला व गोपालक आत्मनिर्भर बने ।संगठन महामंत्री गजेंद्र आदित्य नेसरकार के द्वारा गौशाला विकास निधि से गौशाला में निर्माण हेतु दी जाने वाली राशि के लिए कार्यकारी एजेंसी ग्राम पंचायत यानी सरकारी एजेंसी को नियुक्त कर रखा है उस स्थान पर स्वयं गौशाला को कार्यकारी एजेंसी बनाया जावे जिससे होने वाला काम टिकाऊ व्यवस्थित और दुगुना काम हो पाएगा जो सरकार के मनसा है उसके अनुसार कार्य होगा । संरक्षक भंवरलाल ने मांग की है कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए के आसपास जमीन चारागाह भूमि मेसे गौशालाओं के लिए आमंत्रित की जाए जिस पर हरी घास का उत्पादन करके को माता को प्रोटीन युक्त चारा मिल सके क्योंकि गौशालाओं में नित्य भूसा सुख ही खिलाया जाता है क्योंकि धन का भाव रहता है अगर यह व्यवस्था होती है तो गौ माता को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा ।

कोषाध्यक्ष अश्विनी ने विचार में मांग की की गौशालाओं में अभी वर्तमान जो अनुदान राशि मिल रही है और राशि बहुत कम पड़ती है उससे बढ़कर ₹70 बड़े गोवंश और ₹35 छोटे गोवंश करने की मांग की जाती है क्योंकि वर्तमान में दी जा रही राशि से भी पूर्ति नहीं होती और कुछ राशि सरकार प्रदान कर रही और कुछ जन सहयोग से गौशालयों को संचालन में सुविधा हो सके इसलिए सरकार शीघ्र ही राशि को बढ़ाने की कृपा करें।।

इस अवसर पर जिले के समस्त गौशालाओ के प्रतिनिधि की उपस्थिति रही।

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