अंधविश्वास ने ले ली महिला की जान, खेत में काम करते वक्त सांप ने डसा,अस्पताल ले जाने की बजाय भोपे से झाड़-फूंक करवाते रहे परिजन
डूंगरपुर में अंधविश्वास ने एक महिला की जान ले ली। महिला को सांप ने डस लिया था। परिजन डॉक्टर से इलाज करवाने की बजाय झाड़-फूंक करवाते रहे। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो उसे अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। मामला साबला थाना क्षेत्र के बकराइया फला गांव का है।
साबला थाना एएसआई वल्लभराम ने बताया- लालशंकर बरोड़ मीणा निवासी बकराइया फला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इसमें लालशंकर ने बताया कि मेरी पत्नी कजोड़ी बरोड़ मीणा (38) शुक्रवार शाम करीब 4 बजे खेतों में चारा काट रही थी।इसी दौरान सांप ने उसके पैर पर 2 बार डस लिया, जिससे वह बेहोश हो गई। मैं कुछ समय बाद मौके पर पहुंचा तो देखा कि सांप उसके पैर से लिपटा हुआ था। मैंने सांप को दूर हटाया।
शाम करीब 6 बजे मैं और परिजन कजोड़ी को नजदीक के गांव पारडा चुंडावत में भोपे के पास ले गए। भोपा घंटे भर तक झाड़-फूंक करता रहा। कजोड़ी होश में आ गई। रात करीब 8 बजे हम उसे घर ले आए, लेकिन आधी रात को उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई।
शनिवार सुबह 5 बजे हम कजोड़ी को आसपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद सुबह करीब 9 बजे उसे डूंगरपुर के श्री हरिदेव जोशी सामान्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। शरीर में जहर फैलने की वजह से इलाज के दौरान शाम करीब 6:30 बजे अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शव डूंगरपुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। साबला थाना पुलिस ने रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।
फिलहाल पुलिस घटना को लेकर जांच कर रही है। कजोड़ी के 4 बच्चे हैं, जिनमें 3 बेटियां और 1 बेटा है। वह गृहिणी थी। पति लालशंकर मजदूरी करता है।
