गुरु पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न

ऋषभदेव,डीपी न्यूज अपडेट 

गुरु पूर्णिमा महो‍‍त्सव विवेकानन्द केन्द्र विद्यालय के विवेकानंद सभागार में शनिवार को बड़े धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीपक प्रज्वलन के साथ हुआ। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कक्षा दसवीं के छात्रों द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित नाटक, कविताएँ, दोहे गायनऔर समूह गीत प्रस्तुत किए। आज का विचार नव्या द्वारा, कविता पाठ -सौम्या द्वारा, समूह गीत की प्रस्तुति कक्षा नवीं के छात्रा द्वारा, दोहे की प्रस्तुति अक्षिता जोशी के द्वारा, कक्षा दसवीं की छात्राओं द्वारा सामूहिक नृत्य की शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुति दी गई ।कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया और गुरु वंदन अभिनंदन कार्यक्रम में कक्षा दसवीं के छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों को तिलक,श्रीफल , एवं मौली बांधकर आशीर्वाद लिया,गुरुजनों का सम्मान किया। विद्यालय के संगीत शिक्षक श्री नवीन व्यास ने गुरु के महत्व पर मधुर एवं मनभावन गीत द्वारा कार्यक्रम का समा बांध दिया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमती विजय श्री यादव ने गुरु पूर्णिमा के महत्त्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को गुरुजनों का आदर और सम्मान करने की प्रेरणा दी।गुरु का स्थान हमारे जीवन में सर्वोच्च होता है। वह न केवल हमें शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि हमें सही और गलत का भेद समझाते हैं, जीवन के मूल्यों से अवगत कराते हैं और हमें एक सफल और सच्चा इंसान बनने की प्रेरणा देते हैं।हमारे शास्त्रों में गुरु की महिमा का बहुत सुंदर वर्णन किया गया है। “गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥” इस मंत्र के माध्यम से हम गुरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करते हैं। गुरु ब्रह्मा की तरह सृजनकर्ता हैं, विष्णु की तरह पालनकर्ता और महेश्वर की तरह संहारक हैं, जो हमारे अज्ञानता का नाश करते हैं और हमें ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं।आज के इस अवसर पर, मैं अपने सभी शिक्षकों को उनके निरंतर प्रयासों और समर्पण के लिए हार्दिक धन्यवाद देती हूँ। आपके मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना, हमारे विद्यार्थियों की प्रगति संभव नहीं होती। आप सभी के कठिन परिश्रम और उत्साह से ही हमारे विद्यालय का नाम ऊँचा होता है और हमारे विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बनता है।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री भगवती लाल तेली ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष में अपने विचार रखते हुए बताया यह दिन हमारे जीवन में उन महान विभूतियों को समर्पित है जिन्होंने हमें शिक्षा, संस्कार और ज्ञान की रोशनी दी है।गुरु का हमारे जीवन में वही स्थान है, जो सूर्य का पूरे ब्रह्मांड में। जैसे सूर्य अपने प्रकाश से अंधकार को दूर करता है, वैसे ही गुरु अपने ज्ञान से हमारे अज्ञान को दूर करते हैं। गुरु हमें सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की ताकत देते हैं।गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके मार्गदर्शन के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। इस दिन का महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यधिक है और इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम का संचालन प्रांजल मेघवाल और वेदी जैन ने किया।

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