बांसवाड़ा में निजी क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग के छापे,सूचना मिलने पर भाग छूटे बंगाली संचालक
बांसवाड़ा जिले में चिकित्सा विभाग ने मंगलवार को निजी दवाखानों की जांच के लिए अभियान चलाया। संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के पवन के सख्त निर्देशों के बाद डिग्री से लेकर साफ-सफाई तक की व्यवस्था को देखा और उचित आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एचएल ताबियार ने बताया- संभागीय आयुक्त के निर्देश भी मंगलवार को जिलेभर में जांच अभियान चलाया गया। जिसमें बागीदौरा, कुशलगढ़, आनंदपुरी, घाटोल और सज्जनगढ़ में कार्रवाई की गई। अन्य ब्लॉकों में भी जांच का दौर जारी रहेगा। कई स्थानों पर संभागीय आयुक्त स्वयं भी मौजूद रहे। बीसीएमओ के नेतृत्व में गठित टीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण किया। जिसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य भवन में भी मंगवाई है।
छोटी सरवा में पीछे के दरवाजे से भाग छूटा संचालक
कुशलगढ़ बीसीएमओ ने छोटी सरवा में निरीक्षण किया। यहां पर बहादुर नाम का व्यक्ति अस्पताल चला रहा था। वह बीसीएमओ का वाहन देख पीछे के दरवाजे से भाग छूटा। वहां पर एक महिला की ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। इसे बीसीएमओ की टीम ने ड्रिप उतारी और फिर अस्पताल को सिल कर दिया है। संबंधित खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है। डॉ. गिरीश भापोर ने बताया कि इसके अलावा अन्य दो अस्पतालों पर भी छापे मारने पहुंचे, लेकिन वह अस्पताल बंद कर भाग गए।
बागीदौरा में दो के खिलाफ होगी कार्रवाई
बागीदौरा बीसीएमओ डॉ प्रवीण लबाना ने संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के पवन की मौजूदगी में दो जगह कार्रवाई की। जिसमें मनीषा दवाखाना औार राहुल दवाखाना बिना किसी परमिशन के चल रहे थे। दोनों पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है। फिलहाल दोनों अस्पतालों को सिल कर दिया है। यहां पर ऐलोपैथिक दवाओं के साथ साफ-सफाई का भी अभाव था।
