ऑनलाइन ऐप पर कॉल गर्ल के नाम झांसा देकर भारी मात्रा मे रूपये ऐंठने वाले गिरोह को फर्जी सिमे उपलब्ध करवाने वाला ई-मित्र संचालक गिरफ्तार
सलूम्बर जिला ब्यूरो चीफ,नितेश पटेल । डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा पुलिस महानिदेशक साईबर काइम, एससीआरबी एवं तकनीकी सेवाऐं राजस्थान जयपुर के कार्यालय आदेश की पालना में राज्य में ऑपरेशन साइबर वज्रप्रहार 1.0 (साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही) में अभियान के तहत मन जिला पुलिस अधीक्षक सलूम्बर अरशद अली द्वारा साईबर सबंधित अपराधो की रोकथाम हेतु दिये गये निर्देशन पर पूर्व में झल्लारा थाना सर्कल में ऑनलाईन टेलीग्राम चैनल के माध्यम से लडकिंया उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगो से पैसे वसूल कर धोखाधडी करने के मामले में प्रकरण दर्ज कर मुख्य आरोपी विकास पटेल पिता धुलजी पटेल निवासी पायरा थाना झल्लारा जिला सलुम्बर को पूर्व मे गिरफ्तार किया गया था।प्रकरण के अनुसंधान के दौरान आरोपी विकास पटेल को धोखाधडी के कार्य हेतु फर्जी तरिकें से सिम उपलब्ध करवाने वाले ई-मित्र संचालक प्रतापलाल मीणा को गिरफ्तार किया गया।
*पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही :-*
29 जनवरी को उक्त घटना को लेकर पुलिस थाना झल्लारा पर दर्ज प्रकरण मे अग्रिम अनुसंधान वीना लोट पुलिस निरीक्षक कार्यालय पुलिस अधीक्षक सलूम्बर द्वारा किया जा रहा है।अनुसंधान के दौरान पाया गया कि मुख्य आरोपी विकास पटेल द्वारा अपराध मे उपयोग की जा रही सिम के सम्बंध मे रिकॉर्ड प्राप्त किया गया तो उक्त सिम गाँव पायरा के रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर होने से उक्त व्यक्ति से अनुसंधान किया गया तो उसने अपने पास इस नम्बर की सिम नहीं होना बताया व पूर्व मे मॉ दशा ई-मित्र गॉव पायरा के संचालक प्रतापलाल मीणा से अपनी पुरानी सिम को अपडेट करवाने की बात कहीं गयी।जिस पर सिम को लेकर प्रतापलाल मीणा से अनुसंधान किया गया तो प्रतापलाल मीणा द्वारा सिम को ईकेवाईसी कर सिम अपने पास रख ली।उसके बाद एक हजार रूपये मे मुख्य आरोपी विकास पटेल को सिम बेच दी थी।इस प्रकार ई-मित्र संचालक द्वारा अपने ई-मित्र दुकान पर आने वाले लोगो से उनकी जानकारी के बिना सिम की ईकेवाईसी कर उन सिमो को साइबर धोखाधडी के कार्य हेतु अधिक रूपयों में बेचान कर दिया जाता है।साथ ही साथ ऐसे फोड करने वालों को फर्जी खाते भी उपलब्ध कराता है।ऐसे कई और ई-मित्र भी पुलिस की राडार पर है।
