कर्मचारियों ने छुट्टियां ली पर रिकॉर्ड में नही लिखा : कलेक्टर पहुंचे निरीक्षण पर तो खुली पोल, कई कार्मिक समय पर नहीं पहुंचे थे, बिना सूचना अनुपस्थित रहने वालों को देंगे नोटिस
उदयपुर की एक पंचायत समिति में आज कार्यालय समय पर जिला कलेक्टर पहुंच गए लेकिन वहां के कार्मिक नहीं पहुंच पाए।
कलेक्टर ने कार्यालय का रिकॉर्ड देखा तो सामने आया कि छुट्टियां लेने वाले कार्मिकों के आवेदनों को रिकॉर्ड पर चढ़ाया ही नहीं गया। कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। इस दौरान समय पर नहीं आने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
उदयपुर कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल आज टीम के साथ उदयपुर की गिर्वा पंचायत समिति पहुंचे। उस समय तक कई कार्मिक कार्यालय समय में नहीं पहुंचे थे। कलेक्टर ने कहा कि बिना सूचना दिए अनुपस्थित कार्मिकों को नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बाद में कलेक्टर ने पंचायत समिति की अलग अलग विंग में जाकर कामकाज देखा और कार्मिकों से सवाल-जवाब किए। इस दौरान कलेक्टर ने उपस्थिति पंजिका देखी और वहां सामने आया कि कुछ कार्मिकों ने पहले छुट्टियां ले रखी उनके आवेदन थे।
कलेक्टर ने कहा इन आवेदनों को रिकॉर्ड पर ले रखा क्या तो वहां कोई जवाब नहीं था। कलेक्टर ने नाराजगी जताई कि छुट्टियां लेने वाले के आवेदनों का आगे प्रोसेस क्यों नहीं किया गया, उनको रिकॉर्ड पर क्यों नहीं लिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि ये पूरा रिकॉर्ड का मिलान कर संबंधितों पर कार्रवाई की जाए।
इस बीच समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे कार्मिकों के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के लिए कहा। कलेक्टर के साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) शैलेष सुराणा भी साथ थे।
उन्होंने पंचायत समिति में आवास और एसबीएम सेक्शन का निरीक्षण भी किया और वहां योजनाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में ली जानकारी। इस दौरान पोसवाल ने ऑनलाइन पेंडेंसी को जल्द खत्म करने को कहा।
