मुक्केबाजी को समर्पित एक व्यक्तित्व वर्धमान सिंह नरूका

उदयपुर,विनोद कुमार रैगर । शहर में मुक्केबाजी खेल के ख्याति नाम प्रशिक्षक डॉ. दीपेंद्र सिंह चौहान के शिष्य वर्धमान सिंह नरूका जो की अपने खेल जीवन में अपने जबरदस्त फुटवर्क और स्पीडी पंचों के लिए विख्यात रहे हैं, 1999 में राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त अर्जित करने के साथ-साथ पूर्व ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी विजेंद्र सिंह के साथ दो बार भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर कर चुके हैं, वर्ष 2009 में भारतीय खेल प्राधिकरण SAI के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला से मुक्केबाजी प्रशिक्षण में डिप्लोमा प्राप्त करने के उपरांत वर्धमान सिंह विगत 14 वर्षों से शहर के मुक्केबाजी सीखने की इच्छुक बालकों को निःशुल्क मुक्केबाजी का प्रशिक्षण देकर तराश रहे हैं, नरूका से प्रशिक्षित 150 से अधिक पुरुष/ महिला मुक्केबाज राज्य स्तर पर तथा 15 मुक्केबाज राष्ट्रीय तथा अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर पदक प्राप्त करने में सफल रहे हैं। वर्तमान में माउंट लिटरा ज़ी स्कूल में शारीरिक शिक्षा शिक्षक के पद पर तैनात वर्धमान सिंह नरूका ने कुछ माह पूर्व ही राजस्थान राज्य की राज्य स्तरीय पुरुष /महिला मुक्केबाजी (17 वर्ष 19 वर्ष ) की प्रतियोगिता का भी सफल आयोजन किया जिसमें 150 से अधिक मुक्केबाजों ने भाग लिया जो की मुक्केबाजी खेल में एक रिकॉर्ड है।आईएबीएफ से क्वालीफाईड रैफरी/जज, वर्धमान सिंह का ध्येय उदयपुर शहर से ओलंपियन मुक्केबाज तैयार करना है जिसके लिए वो पूर्ण क्षमता और समर्पण से मेवाड़ वारियर्स बॉक्सिंग क्लब व राणा सांगा मुक्केबाजी हाल में मुक्केबाजों को प्रशिक्षण देने में जुटे हुए हैं।

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