विंग्स ऑफ होप का सफर मेनार से संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र से मेनार तक
बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । बर्ड विलेज मेनार पर बनी डॉक्यूमेंट्री विंग्स ऑफ होप – अ बसलिंग विलेज एंड देअर बर्ड फ्रेंड्स को विगत दिनों वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर विश्व भर की 400 फिल्मों में से चुना गया । मेनार के वाशिंदों और पंछियों के बीच जो रिश्ता है वो विश्वभर के लिए एक अनूठा उदाहरण के रूप में सामने आया । इस डॉक्यूमेंट्री को फिल्माने वाले वाइल्डलाइफ फिल्ममेकर गुंजन मेनन, अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने वाले राउंड ग्लास सस्टेन के बिजनेस हेड नेहा दारा, वाइल्डलाइफ फिल्ममेकर संयम वाकचौरे, शरद अग्रवाल शुक्रवार को मेनार पहुंचे । अपने साथ वही ट्रॉफी लेकर आए जो उन्हे संयुक्त राष्ट्र के मंच पर मिली थी ।उनके द्वारा इस ट्रॉफी को स्थानीय पक्षी मित्रों और ग्रामीणों को सौंपा गया ।
मेनार के पक्षियों, पक्षी मित्रों और यहां के जलाशयों के रिश्ते को फिल्माने की यात्रा मेनार से शुरू होकर अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पहुंची और वहां से ट्रॉफी मेनारवासियों को सौंपने का यह पूरा वाकया पूरी तरह से रोमांचित करने वाला रहा ।
मेनार के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मधुश्यम स्टेडियम के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय स्कूल और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्र छात्राओं को मेनार से विंग्स ऑफ होप, कुंभलगढ़, और पश्चिमी राजस्थान से डेजर्ट कैट और स्पाइनी टेल्ड लिजार्ड फिल्मे दिखाई गई । जिन्हे देखकर विद्यार्थी बहुत रोमांचित हुए । इसके बाद इन्ही फिल्मों से प्राप्त सूचना से एक क्विज खेली गई जिसमे विद्यार्थियों ने जवाब देकर पारितोषिक हासिल जीते।
आगंतुक अतिथियों का स्थानीय विद्यालय की छात्राओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में पारंपरिक स्वागत किया गया ।
कार्यक्रम की शुरुआत में दर्शन मेनारिया ने मेहमानों का परिचय करवाते हुए मेनार के जलाशयों के संरक्षण में यहां के बुजुर्गों के योगदान को बताया। पक्षी मित्रों की भूमिका और किस तरह मेनार ने इतिहास, संस्कृति और प्रकृति के अनूठे संगम को विश्व स्तर पर पहुंचाया है । गुंजन मेनन ने बताया कि किस तरह उन्हें यह फिल्म बनाने का आइडिया मिला कि वह उदयपुर शहर की झीलों और आसपास के जलाशयों में पक्षियों के व्यवहार के बारे में अंतर को लेकर फिल्म बनाने थी पर यहां पक्षी मित्रों उमेश मेनारिया और दर्शन मेनारिया से मिलकर उनकी जुबानी जलशायों के संरक्षण, यहां के वाशिंदों के पक्षियों के लिए किए गए समर्पण को सुनकर यह डॉक्यूमेंट्री बनाई और इसने राउंड ग्लास सस्टेन के सहयोग से विश्व मंच पर अपनी जगह बना पाई ।
राउंड ग्लास की नेहा दारा ने विद्यार्थियों को बताया कि वे बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्हें पक्षियों से मिलने कहीं दूर नहीं जाना पड़ रहा बल्कि पंछी स्वयं दूर देश से उन्हें मिलने आ रहे हैं । नेहा दारा ने बच्चों और उपस्थित ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ को एक एक कर वेटलैंड, वाइल्डलाइफ संरक्षण से जुड़ी 5 डॉक्यूमेंट्री दिखाई। जिन्हे देखकर सभी बहुत ही उत्साहित और रोमांचित हुए।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जालम सिंह सारंगदेवोत, पूर्व सरपंच ओंकार लाल भलावत, विजय लाल एकलिंग दासोत, अम्बा लाल रूपावत, हीरा लाल ठाकरोत, शंकर लाल मेंरावत, कन्हैया लाल ठाकरोत, मांगी लाल सिंगावत, सरपंच प्रमोद ढोली, पक्षी मित्र दर्शन मेनारिया, उमेश पुण्दडोत, चेतन मेरावत, राहुल लुणावत, अजय मेरावत आदि उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन सुरेश गरबड़ा ने किया। ग्रामीणों द्वारा मीडियाकर्मी सुरेश मेनारिया, उमेश मेनारिया का भी सम्मान किया गया।
