श्री राष्ट्रीय राजपूत सेना अध्यक्ष का गोगामेड़ी में आज होगा अंतिम संस्कार : हत्यारों को पकड़ने के लिए एसआईटी गठित, हमलावरों पर 5-5 लाख का इनाम,11 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का गुरुवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया। इसके बाद शव परिजनों सौंप दिया गया है। परिवार और समाज के लोग पार्थिव देह को लेकर राजपूत सभा भवन पहुंचे, जहां पर बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद श्रद्धांजलि यात्रा यहां से रवाना हुई, जिस पर जगह-जगह पुष्पवर्षा हो रही है। यात्रा भवानी निकेतन, चौमूं, रींगस, सीकर, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर, चूरू, तारानगर, साहवा, भादरा होती हुई निवास स्थल गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) पहुंचेगी, जहां पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। गोगामेड़ी हत्याकांड में 11 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी है। जांच एनआईए को देने की अनुशंसा के बाद परिजन पोस्टमॉर्टम कराने के लिए तैयार हुए थे। मामले में 2 FIR दर्ज कराई गई थी। गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने हत्या का मामला दर्ज कराया है। साथ ही आरोप लगाया कि पति ने सीएम और डीजीपी से 3 बार पुलिस सुरक्षा मांगी थी, लेकिन नहीं दी गई। इधर, श्याम नगर एसएचओ मनीष गुप्ता, बीट प्रभारी और बीट कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। दूसरी एफआईआर स्कूटी सवार ने दर्ज कराई है। इससे पहले बुधवार को गोगामेड़ी की हत्या के विरोध में करणी सेना ने राजस्थान बंद बुलाया था, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिला था। बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में तोड़फोड़ की थी। जयपुर में गोपालपुरा, त्रिवेणी नगर और मानसरोवर में तोड़फोड़ की गई थी। कई चौराहों पर टायर जलाए गए, कई जगहों पर ट्रेन रोक दी गई थी।
तीन दौर की बातचीत में हुआ समझौता
हत्याकांड के बाद बनाई गई संघर्ष समिति की 8 घंटे में 3 बार प्रशासन-पुलिस से वार्ता हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई थी। पहली वार्ता बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई थी। बैठक में राजपूत समाज के पदाधिकारी और पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ व एडिशनल कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। पहली वार्ता में पदाधिकारियों ने करीब दो दर्जन मांगें रखी थीं। उसके बाद कमिश्नर ने सचिवालय स्तर के अधिकारियों से बात की और दूसरी वार्ता बुलाई गई, लेकिन कुछ मांगों पर सहमति नहीं बनने पर विफल रही। उसके बाद दोबारा अधिकारियों से बातचीत करने के बाद देर शाम को तीसरी वार्ता बुलाई गई, जिसमें जांच एनआईए को भेजने सहित अन्य 11 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी।
कुछ देर बाद ही गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने मांगें मानने से इनकार कर दिया था। वे बोलीं- शूटरों का एनकाउंटर नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उसके बाद पुलिस-प्रशासन हरकत आ गया। करीब एक घंटे तक समझाइश की और कुछ अन्य पदाधिकारियों से बातचीत करवाई तो मामला शांत हुआ और शव का पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए राजी हुई। मामले को लेकर डीजीपी उमेश मिश्रा ने एडिशनल कमिश्नर कैलाश बिश्नोई के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी। टीम में अधिकतर अफसर आनंदपाल एनकाउंटर वाले हैं। हत्यारों पर 5 लाख का इनाम रखा है।
इन मांगों पर सहमति
- दोनों हत्यारों को पुलिस जल्द गिरफ्तार करे। आपराधिक साजिश में गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई, रोहित गोदारा और अन्य जो भी शामिल हो, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
- मामले की जांच एनआईए से कराई जाए और केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट (विशेष न्यायालय एनआईए प्रकरण) में चले।
- गोगामेड़ी को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों की भूमिका सामने लाने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाए।
- घटना के पहले और बाद में लापरवाही बरतने के संबंध में विभागीय जांच की जाएगी। इस विभागीय जांच के दौरान थानाधिकारी और बीट में तैनात स्टाफ को पुलिस लाइन जयपुर में ट्रांसफर किया जाए।
- सुखदेव सिंह के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दिलवाई जाए
- घटना में घायल अजीत सिंह के परिजनों को भी आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
- गोगामेड़ी के परिवार के सदस्यों को जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट और हनुमानगढ़ जिले में जिला पुलिस की ओर से हाई सिक्योरिटी सुरक्षा मिले।
- सुखदेव सिंह के जयपुर में रहने वाले परिवार के सदस्यों और हनुमानगढ़ में रहने वाले परिजनों को हथियार लाइसेंस का आवेदन करने के 10 दिन में स्वीकृत किया जाए।
- मामले के सभी गवाहों को जयपुर कमिश्नरेट या संबंधित जिले से सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- सुखदेव सिंह की हत्या करने वाली गैंग के निशाने पर राजपूत समाज के कई प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। इनके खतरे का 7 दिन में आकलन कर उनको सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए।
