अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह से नारकोटिक्स विभाग ने पट्टा वितरण की शुरू की प्रक्रिया, सीपीएस पद्धति के किसानों को भी मिलने हुए शुरू
7 साल बाद दे रहे अफीम के ऑनलाइन पट्टे, तीनो खंडों में 14638 किसानों को देगे ऑनलाइन पट्टे
चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड में क्षेत्र के 9 गांवों में चीरा पद्धति व सीपीएस पद्धति के कुल 544 पट्टे हुए जारी
बांसड़ा,कन्हेयालाल मेनारिया | बहुमूल्य फसल काले सोने की खेती करने वाले किसानों को पट्टा वितरण के बाद बुवाई शुरू कर दी है, वही कई अफीम काश्तकारों ने 15 अक्टूबर से बुवाई शुरू कर दी है, जो 15 नवम्बर तक चलेगी। आखिरकार सात साल बाद पात्र किसानों को अफीम खेती के लिए पट्टे वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए नारकोटिक्स विभाग प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू कर दी है। अफीम नीति घोषित होने के बाद इस बार प्रत्येक लाइसेंसी किसान को ऑनलाइन पट्टा वितरण किया जा रहा है। पहले पुरानी पद्धति यानी चीरा लगाने वाले किसानों को पट्टे दिए गए और अब सीपीएस पद्धति वाले किसानों को दिए जा रहे है। मुख्यालय के निर्देशानुसार भीलवाड़ा मार्ग स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स कार्यालय में तीनों ही खंडों में जिला अफीम अधिकारी अजयकुमार शंखवार, बीपीसिंह व खंड तृतीय के अमरसिंह कन्नौजिया के निर्देशन में ऑनलाइन पट्टा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके तहत कार्यालय परिसर में तीनों ही खंड कार्यालय के बाहर डोम बनाकर प्रक्रिया की जा रही है। चूंकि ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते आने वाली तकनीकी परेशानी को देखते हुए हेल्प डेस्क भी लगाई गई है। जहां किसान अपनी पात्रता, औसत, नियमों की जानकारी के अलावा किसी भी तरह की शिकायत भी दर्ज करवा सकता है।
तीनो खंडो का आंकड़ा
खंड प्रथम में इस बार चीरा लगाने की पद्धति के तहत 5204 किसानों को पट्टा वितरण हो रहे हैं। वही 155 किसानों के पट्टे कम हुए हैं। सीपीएस के दायरे में 2399 किसान हैं। इस बार खंड प्रथम में 1415 किसान बढ़ गए हैं। इस खंड में किसानों को ऑनलाइन पट्टे जारी कर दिए गए हैं। खंड द्वितीय में सबसे ज्यादा ऑनलाइन पट्टों का वितरण कर दिया गया है। चीरा लगाने वाली पद्धति के तहत 4664 किसान लाइसेंसी हैं। 507 किसान सीपीएस दायरे में हैं। इस खंड में 800 और किसानों को सीपीएस के पट्टे मिल सकते हैं। खंड द्वितीय में 3372 किसानों का पंजीयन हो गया है। उन किसानों को पट्टे दिए गए हैं।
इसी तरह खंड तृतीय में इस बार 4770 किसानों को चिराई वाले पट्टे मिल रहे है। वही सीपीएस पट्टों की संख्या 2400 है। जो गत साल 1350 ही थी। जिन्हें पट्टे जारी किए जा रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पहली बार होने से परेशानी भी आ रही है। ऑनलाइन पटटा वितरण की प्रकिया अक्टूबर माह के पहले सप्ताह से चल रही है। गत साल पटटा वितरण अक्टूबर माह द्वितीय सप्ताह में शुरू हुआ था।
क्षेत्र के 9 गांवो में चीरा पद्धति व सीपीएस पद्धति के कुल 544 पट्टे वितरित
इस वर्ष नारकोटिक्स विभाग ने चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड में उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर के 9 गांवों में चीरा पद्धति व सीपीएस पद्धति के कुल 544 पट्टे वितरित किए। जिसमें मेनार भाग -अ मुखिया पुरुषोत्तम दावोत, भाग-ब दयाशंकर रामावत ने बताया कि मेनार में इस वर्ष 92 पट्टे जारी हुए, जिनमें चीरा पद्धति के 80 व सीपीएस पद्धति के 12 पट्टे है और इस वर्ष गत वर्ष के बजाय 5 पट्टे नए जारी हुए। वाना भगवतीलाल मेनारिया ने बताया कि वाना में 50 पट्टे जारी हुए, जिनमें चीरा पद्धति 39 व सीपीएस पद्धति 11 पट्टे है। नवानिया, रुण्डेड़ा व रूपावली मुखिया इंद्रलाल भट्ट ने बताया कि नवानिया में चीरा पद्धति 5 व सीपीएस पद्धति 2 पट्टे, रुण्डेड़ा में चीरा पद्धति 1 व सीपीएस पद्धति 4 पट्टे व रूपावली में चीरा पद्धति 1 व सीपीएस पद्धति 10 पट्टे जारी हुए है।।
इसी तरह अमरपुरा में भाग-अ मुखिया नाथूलाल जणवा, ब मुखिया मनसुख जैन, स मुखिया शंकरलाल गाडरी ने बताया कि अमरपुरा में इस वर्ष 181 पट्टे जारी हुए, जिनमें चीरा पद्धति 153 व सीपीएस पद्धति 28 पट्टे व खेरोदा मुखिया हरिशंकर सुथार ने बताया कि खेरोदा में 40 पट्टे जारी हुए, जिनमें चीरा पद्धति 37 व सीपीएस पद्धति 3 पट्टे जारी हुए है। वही इंटाली में तीन भाग के मुखिया शंकरलाल जणवा, तेजराम पुष्करणा, उदयलाल जणवा व चायला का खेड़ा के मुखिया गंगाराम पटेल ने बताया कि दोनो गांवो में 158 पट्टे जारी हुए, जिनमें चीरा पद्धति 148 व सीपीएस पद्धति 10 पट्टे जारी हुए है।
यह होगा विभाग व किसान को फ़ायदा
अफीम काश्तकारों के खाते आधार से लिंक करने के बाद किसान व विभाग दोनों के लिए ही सुविधाजनक होगा। किसान सभी जानकारी कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। विभाग को भी एक क्लिक पर संबंधित किसान की सारी जानकारी मिल सकेगी। अब तक ये कार्य मुखिया के माध्यम से होता है। मुखिया अपने गांव के पट्टे ले जाकर वितरण कर देता था, लेकिन विभाग ने अब इस सिस्टम को भी खत्म करने का प्रयास किया है। किसान घर बैठे ही ऑनलाइन पट्टा प्राप्त कर सकेगा। प्रत्येक किसान की ई-मेल आई डी व लॉगिन पासवर्ड जनरेट किया है। जिसके जरिये किसान पट्टे का प्रिंट ऑनलाइन निकालकर पट्टा प्राप्त कर सकेगा।
