आने वाले कॉमन सिविल कोड में केवल वैवाहिक धार्मिक ही नहीं सुरक्षा की योजनाएं भी समान हों – प्रेमसिंह कुंपावत

देश में आने वाले कॉमन सिविल कोड के लिए आज देशभर से सुझाव मांगे जा रहे हैं। ला कमिशन अॉफ इंडिया द्वारा इसके लिए सभी पक्ष, वर्गों एवं आमजन से इसके लिए सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसी संदर्भ में श्रीराष्ट्रीय राजपुत करनी सेना और राष्ट्रीय हिन्दु परिषद ने अपने देशव्यापी साथियों के माध्यम से भी हजारों में अपना मंतव्य भेजना शुरू कर दिया है। उक्त बातें श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रभारी जोधपुर संभाग व प्रदेश प्रभारी राजस्थान राष्ट्रीय हिन्दु परिषद के प्रेमसिंह कुंपावत ने आज मिडिया में कहा की संभावित नया कानून कॉमन सिविल कोड में केवल वैवाहिक धार्मिक मजहबी बराबरी ही नहीं बल्कि शिक्षा स्वरोजगार रोजगार और समाजिक सुरक्षा की योजनाएं में भी सबको बराबरी का हक़ अधिकार मिले। इसकी गारंटी तय की जाय। आने वाले कॉमन सिविल कोड के माध्यम से सभी समाजिक विकास की योजनाएं का नामकरण राष्ट्रीय शीर्षक से तय किया जाए। ताकि देशभर के लोगों के बीच अब तक जातिवादी भाषावादी क्षेत्रवादी मजहबी अल्पसंख्यक नामक भेदभाव वाले जो कानून एवं योजनाएं चलाए जा रहे थे। उसे सदा सदैव के लिए खत्म किया जा सके। राष्ट्रीय छात्रवृति, राष्ट्रीय छात्रावास, राष्ट्रीय आवासीय विद्यालय, राष्ट्रीय स्वरोजगार आयोग, राष्ट्रीय समाजिक सुरक्षा कानून आदि नामक नये स्वरूप का कानून व योजना आने वाले कॉमन सिविल कोड द्वारा बनाया जाय। ताकि भारत में राष्ट्रीय समाजिक एकता प्रचंड रूप से मजबूत बने। आयोग भी जाति वर्ग अल्पसंख्यक आदि के नाम के बजाय केवल राष्ट्रीय शिक्षा आयोग, राष्ट्रीय समाजिक आयोग के नामकरण जैसा होना चाहिए।

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